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बाढ़ के कारण इस वर्ष अब तक 10 एक सींग वाले दुर्लभ प्रजाति के गैंडों और 153 हिरणों समेत कुल 174 जानवरों की मौत हो चुकी है। वन कर्मियों ने अब तक 135 जानवरों को बचाया बचाया है।
गोलाघाट (असम)। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। बाढ़ के कारण इस वर्ष अब तक 10 एक सींग वाले दुर्लभ प्रजाति के गैंडों और 153 हिरणों समेत कुल 174 जानवरों की मौत हो चुकी है। वन कर्मियों ने अब तक 135 जानवरों को बचाया बचाया है।
काजीरंगा अभयारण्य 1,090 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसमें अनेक प्रकार की दुर्लभ एवं विलुप्त प्रजातियां निवास करती हैं। इन वन्य प्राणियों को देखने के लिए देश-विदेश से लाखों पर्यटक यहां आते हैं। यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भूटान के राजा काजीरंगा में आकर ठहर चुके हैं, लेकिन प्रत्येक वर्ष बाढ़ के कारण काजीरंगा की स्थिति गंभीर हो जाती है और वन्य प्राणी संकट में पड़ जाते हैं। हालांकि, सरकार ने बाढ़ के समय वन्य प्राणियों के रहने के लिए कई हाइलैंड बनाये हैं।इसके बावजूद बाढ़ से काजीरंगा को हर साल व्यापक नुकसान होता है। 2017 के बाद इस बार सबसे अधिक बाढ़ काजीरंगा में दर्ज की गई है। यही वजह है कि इस वर्ष सबसे अधिक जानवरों की मृत्यु हुई है।